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खुद की तलाश में - तू खुद की खोज में निकल कविता

 

तू खुद की खोज में निकला...तू खुद की तलाश में बाहर - लेखक तनवीर ग़ाज़ी


खुद की खोज में निकल तू
तू किस लिए हताश है, चल तेरे वजूद की तू
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
जो योज्य से लिपटी बेटी समझती है
इन को वस्त्र .. (x2)
ये बेड़ियां पिघल की
बनावट शस्त्राती
बना शस्त्रा तू
खुद की तलाश में

तू किस लिए हताश है, चल तेरे वजूद की तू
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
यह
स्थिति पवित्र है .. (x2)
पापियों को हक़ नहीं ये
की ले परीक्षा तेरी
की ले परीक्षा तेरी
तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है
जल के भस्म कर तत्व
जो ज्वलनशील होते हैं .. (x2)
आरती की लौ नहीं तू
तू क्रोध की मशाल है
तू क्रोध की मशाल है
खुद की खोज में निकल तू
तू किस लिए हताश है, चल तेरे वजूद की तू
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है
चनेर ध्वजा बना
गगन भीका जैसा .. (x2)
अगर भू-नरीबारी तो
भूकम्प की एक
भूकम्प का एक परिणाम प्राप्त करता है
खुद की खोज में निकल तू
तू किस लिए हताश है, चल तेरे वजूद की तू
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है |

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तू खुद की खोज में निकल कविता हिंदी में


खुद की खोज में निकल तू
तू किस लिए हताश है,
तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है ..

जो आप से लिपटी बड़ियाँ समझ में
न इन को कपड़े 
जो से लिपटी बड़ समझ में
न को कपड़े 

बेड़ियां पिघाल के ये
बना ले इनको शस्त्र तू
बना ले इनको शस्त्र तू
तू खुद की खोज में निकल

तू किस लिए हताश है,
तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है ..

जब पवित्र है चरित्र
तो क्यों है ये दशा तेरी ...
चरित्र जब पवित्र है
तो क्यों है ये दशा तेरी ...

पापियों को हक़ नहीं ये
की ले परीक्षा तेरी
की ले परीक्षा तेरी
तू खुद की खोज में निकल
तू किस लिए हताश है
तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है ..

जल के भस्म कर
जो रासायनिक काजल है…
जल के भस्म तत्व
जो रासायनिक का जाल है…

आरती की लौ नहीं तू
तू क्रोध की मशाल है
तू क्रोध की मशाल है
तू खुद की खोज में निकल

तू किस लिए हताश है,
तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है ..

उड़ा के ध्वज बना चूनर
गगन भी कपकाएगा ...
चूनर उड़ा के ध्वज बना
गगन भी कपकाएगा ...

अगर भूमंडली में
एक भूकम्प का भूकम्प आता है
तो…

खुद की खोज में निकल तू
तू किस लिए हताश है,
तू चल, वजूद की तेरे
समय को भी तलाश है
समय को भी तलाश है ..



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